सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज और एसजीएक्स निफ्टी में आज से बदलाव हो गया है. भारतीय शेयर बाजारों की सही तस्वीर और इनकी ओपनिंग का सही आकलन करने के लिए आज से एसजीएक्स निफ्टी को गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) के तौर पर जाना जाएगा. इसकी रीब्रांडिंग के बाद ये एसजीएक्स निफ्टी का रेफरेंस लेने की परंपरा खत्म हो गई है.
आज से गिफ्ट निफ्टी ही भारतीय बाजार के लिए एसजीएक्स निफ्टी की जगह पर नया संकेतक होगा. 7.5 अरब डॉलर के सभी डेरिवेटिव कॉन्ट्रेक्ट्स जो कि पहले सिंगापुर में ट्रेड किए जाते थे, आज से भारत की गिफ्ट सिटी में ट्रांसफर हो जाएंगे. इस रीबांड्रिंग की कवायद के तहत सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज और एनएसई के पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी एनएसई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विस सेंटर के बीच एक औपचारिक एग्रीमेंट किया जाएगा और सारे नए सौदों को इसी करार के तहत गिफ्ट निफ्टी में ट्रांसफर कर दिया जाएगा.
दो ट्रेडिंग सेशन में होगा कारोबार
आज से शुरू हो रहे गिफ्ट निफ्टी के ट्रेड के अंतर्गत ट्रेडिंग के दो सेशन होंगे. पहला भारतीय समयानुसार सुबह 6.30 बजे से लेकर दोपहर के 3.40 बजे तक चलेगा. दूसरा ट्रेडिंग सेशन शाम के 5 बजे से लेकर रात के 2.45 बजे तक चला करेगा.
गिफ्ट निफ्टी 50, गिफ्ट निफ्टी बैंक, गिफ्ट निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और गिफ्ट निफ्टी में आज से कारोबार के लिए ट्रेडिंग उपलब्ध होगी.
सबसे पहले एसजीएक्स निफ्टी के तहत जितने भी ट्रेडर्स सिंगापुर में बेस्ड थे, वो अब गिफ्ट निफ्टी में शिफ्ट हो जाएंगे.
इन ट्रेडर्स के मुताबिक ही सभी सेटलमेंट अब से एनएसई इंटरेनशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर में शिफ्ट होंगे जो कि गुजरात के गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी में है.
इसके लिए स्पेशल परपज व्हीकल के जरिए ये ट्रांसफर होगा जो कि SGX India Connect IFSC या SGX ICI के तहत आएगा.
निफ्टी 50 कॉन्ट्रेक्ट्स को NSE IFSC के साथ ट्रेड के लिए मैच किया जाएगा और इसके लिए एसजीएक्स आईसीआई के रूट का इस्तेमाल किया जाएगा.
SGX Nifty को GIFT Nifty में बदलना भारत के लिए अहम क्यों?
GIFT Nifty के चार प्रोडक्ट्स होंगे. ये प्रोडक्ट्स GIFT Nifty 50, GIFT Nifty Bank, GIFT Nifty Financial Services और GIFT Nifty IT के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स ये 4 बड़े प्रोडक्ट्स होंगे.NSE इंटरनेशनल एक्सचेंज के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, वी बालासुब्रमणियम के हवाले से इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि ये भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है. ऐसा पहली बार होगा, जब भारत को कोई इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट मिलेगा. पहले इसे भारत के बाहर एक्सपोर्ट करना पड़ता था.GIFT City अब भारत के पहले इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर के तौर पर उभर रहा है. FEMA प्रतिबंधों को RBI ने 2015 में हटा दिया था. SGX-Nifty टाइअप के जरिए डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट के शिफ्ट होने से बहुत कुछ बदलने वाला है. चालू कारोबारी साल में भारतीय एक्सचेंजों की आय भी बढ़ेगी. SGX की आय में निफ्टी डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स का बड़ा हिस्सा शामिल रहता है. SGX को ये आय ऊंचे औसत फीस और ज्यादा वॉल्यूम्स की वजह से मिलता है.SGX के मुताबिक, लिक्विडिटी स्विच के तहत SGX Nifty में सभी ओपन पोजिशन को NSE IFSC Nifty में शिफ्ट कर दिया गया है. डील के तहत, SGX और Nifty सभी खर्च और आय को 50-50% बांटेंगे. GIFT City में फ्यूचर्स और ऑप्शंस की ट्रेडिंग होगी और SGX क्लियरिंग का काम देखेगा.SGX Nifty में फिलहाल सुबह 06:30 बजे से लेकर रात 10:30 बजे तक 16 घंटे ट्रेडिंग होती है. लेकिन, GIFT Nifty सुबह 4 बजे से लेकर अगले दिन सुबह 2 बजे तक यानी 21 घंटे की ट्रेडिंग होगी. ये समय भारतीय समयानुसार है. सोमवार को बदलाव के बाद, अमेरिकी डॉलर वाले सभी निफ्टी डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स NSE IFSC पर एक्सक्लूसिव ट्रेड करेंगे.घरेलू शेयर बाजार के लिए अब GIFTY Nifty शुरुआती संकेत के तौर पर देखा जाएगा. अब तक SGX Nifty को भारतीय बाजार के लिए शुरुआती संकेत के तौर पर देखा जाता था. नया बदलाव सोमवार, 3 जुलाई से लागू हो जाएगा. अभी तक हर ट्रेडर और निवेशक भारतीय शेयर बाजार खुलने से पहले सिंगापुर निफ्टी को चेक करता था. SGX Nifty ही भारतीय बाजार के लिए प्राइस मार्केट और टोन तय करता था.NSE-SGX के एक साथ नए अंदाज में आने से भारतीय शेयर बाजार को ग्लोबल निवेशकों तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी. खासकर, उन विदेशी निवेशकों के लिए सहूलियत बढ़ जाएगी, जो सीधे तौर पर भारतीय कैपिटल मार्केट में एक्टिव नहीं है.